उत्तर प्रदेश 1989 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
JD: 208 सीटें (48.9%)INC: 94 सीटें (22.1%)BJP: 57 सीटें (13.4%)IND: 40 सीटें (9.4%)BSP: 13 सीटें (3.1%)CPI: 6 सीटें (1.4%)CPM: 2 सीटें (0.5%)LKD(B): 2 सीटें (0.5%)अन्य (3 पार्टियाँ): 3 सीटें — HMS 1, JNP(JP) 1, SSD 1बहुमत के लिए 213425सरकार बनाने के लिए 213
  • JD20848.9%
  • INC9422.1%
  • BJP5713.4%
  • निर्दलीय409.4%
  • BSP133.1%
  • CPI61.4%
  • CPM20.5%
  • LKD(B)20.5%
  • अन्य30.7%
चुनाव की कहानी

बँटी हुई विधान सभा

क्या हुआ

इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में विधान सभा बनी।

सबसे ज़्यादा सीटें जनता दल ने जीतीं, कुल 425 में से 208।

इससे वह 213 सीटों के बहुमत के आँकड़े से पीछे रह गई।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 94 सीटें जीतीं।

क्या बदला

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी ने उत्तर प्रदेश का पिछला चुनाव लड़ा ही नहीं था।

वह 0 सीटों से 208 सीटों पर पहुँची; नई विधान सभा में सबसे आगे रहने के लिए यह काफ़ी था, पर अकेले पूरा नियंत्रण करने के लिए नहीं।

पिछली बार कांग्रेस के खाते में गए 132 निर्वाचन क्षेत्र इस बार जनता दल के पास गए, जो राज्य का सबसे बड़ा बदलाव था।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

इस चुनाव का सबसे क़रीबी परिणाम बरेली कैन्टोनमेंट, उत्तर प्रदेश में आया, जहाँ सिर्फ़ 21 वोट रहा।

इस चुनाव का सबसे एकतरफ़ा परिणाम छपरौली, उत्तर प्रदेश में आया, जहाँ विजेता 73.2% वोटों से आगे रहा, और इसी निर्वाचन क्षेत्र में इस चुनाव का सबसे ज़्यादा भी दर्ज हुआ, 77.8%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से गोविंद नगर, उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 3,42,419 मतदाता थे।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार सिकंदराबाद, उत्तर प्रदेश में उतरे, बैलट पर 41 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

इमरजेंसी ख़त्म होने के बाद से कोई भी पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार सबसे आगे नहीं रह पाई थी।

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RBI 2024-25

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