नैनीतालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
के. एस. तरागी (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर नैनीताल सीट जीती और नारायण सिंह जंतवाल (UKD) को 5,438 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 13 द्वाराहाट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 13 बहजोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. एस. तरागी | 33,09039.1% | |
| 2 | नारायण सिंह जंतवाल UKD | UKD | 27,65232.7% |
| 3 | शिव प्रकाश राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 10,27912.2% |
| 4 | मसरूर अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9434.7% |
| 5 | गुरजीत कौर | 3,0733.6% | |
| 6 | राजीव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5451.8% |
| 7 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5031.8% |
| 8 | दलीप सिंह हलसी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3561.6% |
| 9 | गोपाल दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 6500.8% |
| 10 | उमेश चन्द्र तिवारी | 3010.4% | |
| 11 | बलकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 12 | नियाज़ अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.3% |
| 13 | बलवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 14 | दीवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
| 15 | प्रेम पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 16 | नीरज निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नैनीताल से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.3% से घटकर 39.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.1% से बढ़कर 49.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974बाल कृष्ण सांवल (INC), जीत का अंतर 16.8%
- 1977राम दत्त जोशी (JNP), जीत का अंतर 0.2%
- 1980शिव नारायण सिंह नेगी (INC(I)), जीत का अंतर 13.8%
- 1985किशन सिंह तरागी (INC), जीत का अंतर 56.0%
- 1989के. एस. तरागी (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 15.9%
- 1993बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 7.1%
- 1996बंसी धर भगत (BJP), जीत का अंतर 19.5%