नैनीतालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बंशी धर (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर नैनीताल सीट जीती और शेर सिंह नौलिया (INC) को 13,069 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 13 द्वाराहाट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 13 बहजोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बंशी धर 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंशी धर | 32,21539.1% | |
| 2 | शेर सिंह नौलिया | 19,14623.3% | |
| 3 | रणायन सिंह जंतवाल UKD | UKD | 9,03711.0% |
| 4 | उदय राज | 8,96810.9% | |
| 5 | शंकर दत्त डालाकोटी जनता दल | जनता दल | 5,7817.0% |
| 6 | प्रताप भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8802.3% |
| 7 | शिवा प्रकाश JP | JP | 1,1521.4% |
| 8 | पूरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0961.3% |
| 9 | जय किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 7190.9% |
| 10 | त्रि भुवन सिंह फर्त्याल IPF | IPF | 5940.7% |
| 11 | ए. एन. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4540.6% |
| 12 | किशन पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.5% |
| 13 | सुरेश चन्द्र सांगुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.5% |
| 14 | बलकार सिंह | 2000.2% | |
| 15 | प्रेम पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.2% |
| 16 | बाल किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नैनीताल से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 49.5% से घटकर 47.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974बाल कृष्ण सांवल (INC), जीत का अंतर 16.8%
- 1977राम दत्त जोशी (JNP), जीत का अंतर 0.2%
- 1980शिव नारायण सिंह नेगी (INC(I)), जीत का अंतर 13.8%
- 1985किशन सिंह तरागी (INC), जीत का अंतर 56.0%
- 1989के. एस. तरागी (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 15.9%
- 1993बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 7.1%
- 1996बंसी धर भगत (BJP), जीत का अंतर 19.5%