नैनीतालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
किशन सिंह तरागी (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 66.3% वोट पाकर नैनीताल सीट जीती और नारायण सिंह (निर्दलीय) को 33,718 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 13 द्वाराहाट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 13 बहजोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किशन सिंह तरागी 56.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशन सिंह तरागी | 39,96566.3% | |
| 2 | नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,24710.4% |
| 3 | राम दत्त जनता | जनता | 6,23310.3% |
| 4 | वी.के. सांवल Lok Dal | Lok Dal | 2,6044.3% |
| 5 | गोविन्द सिंह बिष्ट | 2,0413.4% | |
| 6 | शंकर दत्त डालाकोटी निर्दलीय | निर्दलीय | 7341.2% |
| 7 | बाल कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 4450.7% |
| 8 | हबीबुल रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.7% |
| 9 | देवी दत्त पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 4150.7% |
| 10 | पूरन चन्द्र सांवल निर्दलीय | निर्दलीय | 3780.6% |
| 11 | दीवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.5% |
| 12 | बलकार | 2360.4% | |
| 13 | जय कृष्ण जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नैनीताल से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 35.9% से बढ़कर 44.1% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974बाल कृष्ण सांवल (INC), जीत का अंतर 16.8%
- 1977राम दत्त जोशी (JNP), जीत का अंतर 0.2%
- 1980शिव नारायण सिंह नेगी (INC(I)), जीत का अंतर 13.8%
- 1985किशन सिंह तरागी (INC), जीत का अंतर 56.0%
- 1989के. एस. तरागी (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1991बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 15.9%
- 1993बंशी धर (BJP), जीत का अंतर 7.1%
- 1996बंसी धर भगत (BJP), जीत का अंतर 19.5%