सगड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
पंचानन (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 32.6% वोट पाकर सगड़ी सीट जीती और बरखू (BSP) को 1,138 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 209 भाटपार रानी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 209 बांसडीह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सगड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,138 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पंचानन | 32,83032.6% | |
| 2 | बरखू | 31,69231.4% | |
| 3 | राम जनम राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 23,91323.7% |
| 4 | शंकर JNP(JP) | JNP(JP) | 3,4623.4% |
| 5 | राजीव नवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5451.5% |
| 6 | शैलेंद्र गोंड निर्दलीय | निर्दलीय | 9320.9% |
| 7 | मुकुचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 8980.9% |
| 8 | सुबास | 7470.7% | |
| 9 | हरीश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 6200.6% |
| 10 | श्री कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 5500.6% |
| 11 | हिरामण उर्फ़ हीरालाल LKD(B) | LKD(B) | 4410.4% |
| 12 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.4% |
| 13 | अमरनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.4% |
| 14 | भूषण निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.4% |
| 15 | जब्बार निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 16 | मिठु निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 17 | राम धारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 18 | केदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.3% |
| 19 | कमलेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.3% |
| 20 | मोहम्मद तय्यब निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 21 | एस.एम. अनस निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 22 | शमीम अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 23 | राजेंदर निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सगड़ी से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.7% से बढ़कर 49.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974राम सुन्दर पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1977राम जनम (JNP), जीत का अंतर 13.9%
- 1980पंचानन (INC(I)), जीत का अंतर 21.4%
- 1985राम जामान (LKD), जीत का अंतर 2.0%
- 1989पंचानन (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1991बरखू राम (BSP), जीत का अंतर 5.8%
- 1993बरखू राम वर्मा (BSP), जीत का अंतर 26.8%
- 1996राम प्यारे (SP), जीत का अंतर 9.8%