जनरलगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
वीरेन्द्र नाथ दीक्षित (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 29.3% वोट पाकर जनरलगंज सीट जीती और रागेंद्र स्वरूप (INC) को 2,857 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 289 फतेहपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 289 जसवन्तनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वीरेन्द्र नाथ दीक्षित 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र नाथ दीक्षित राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 21,65329.3% |
| 2 | रागेंद्र स्वरूप | 18,79625.4% | |
| 3 | नीरज चतुर्वेदी | 18,27424.7% | |
| 4 | मोहम्मद रजा निर्दलीय | निर्दलीय | 12,45016.9% |
| 5 | राम आसरे | 1,6682.3% | |
| 6 | मनोहर दास JNP(JP) | JNP(JP) | 4110.6% |
| 7 | महेश्वर दयाल उर्फ़ रज्जन लाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 8 | हीरा लाल | 1280.2% | |
| 9 | दिलीप सिंह | 1050.1% | |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 11 | विष्णु नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 12 | बसंत कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जनरलगंज से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 31.9% से बढ़कर 44.8% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974जटाधर बाजपेयी (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 1977रेवती रमन रस्तोगी (JNP), जीत का अंतर 23.4%
- 1980सुमन लता दीक्षित (INC(I)), जीत का अंतर 15.9%
- 1985बीरेन्द्र नाथ दीक्षित (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1989वीरेन्द्र नाथ दीक्षित (JD), जीत का अंतर 3.9%
- 1991नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 33.9%
- 1993नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 7.3%
- 1996नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 2.9%