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उत्तर प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 289

जनरलगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

नीरज चतुर्वेदी (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 39.6% वोट पाकर जनरलगंज सीट जीती और सुरेन्द्र मोहन अग्रवाल (SP) को 2,747 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 289 फतेहपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 289 जसवन्तनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नीरज चतुर्वेदी
BJP 39.6%SP 36.7%6 अन्य 23.6%
मिले वोट
37,411
मतों का 39.6%
जीत का अंतर
2,747
कुल वोटों का 2.9%
उम्मीदवार
8
मतदान प्रतिशत
47.2%
1,99,852 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। नीरज चतुर्वेदी 2.9% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

8 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नीरज चतुर्वेदी
37,41139.6%
2
सुरेन्द्र मोहन अग्रवाल
संयुक्त मोर्चा
संयुक्त मोर्चा
34,66436.7%
3
अशोक कुमार दीक्षित
20,52321.8%
4
मोहम्मद नसीम
NLP
NLP
8460.9%
5
मोहम्मद सुलेमान
INL
INL
5490.6%
6
इकबाल सिद्दीकी
निर्दलीय
निर्दलीय
2280.2%
7
मदन गोपाल
BHJS
BHJS
850.1%
8
महेश
निर्दलीय
निर्दलीय
430.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
2.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
47%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

BJP, SP और BSP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
424 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 213

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
39.6%BJP की जीत
BJP 39.6%SP 36.7%BSP 21.8%अन्य 1.9%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

जनरलगंज से कौन जीता, 1974–1996

BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.1% से घटकर 39.6% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 56.1% से घटकर 47.2% रह गया।

  1. 1974जटाधर बाजपेयी (INC), जीत का अंतर 7.5%
  2. 1977रेवती रमन रस्तोगी (JNP), जीत का अंतर 23.4%
  3. 1980सुमन लता दीक्षित (INC(I)), जीत का अंतर 15.9%
  4. 1985बीरेन्द्र नाथ दीक्षित (INC), जीत का अंतर 20.3%
  5. 1989वीरेन्द्र नाथ दीक्षित (JD), जीत का अंतर 3.9%
  6. 1991नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 33.9%
  7. 1993नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 7.3%
  8. 1996नीरज चतुर्वेदी (BJP), जीत का अंतर 2.9%