जहूराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
वीरेन्द्र सिंह (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 23.3% वोट पाकर जहूराबाद सीट जीती और सुरेन्द्र सिंह (JD) को 5,602 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 229 सिकंदरपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 229 कोलअसला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र सिंह | 23,96323.3% | |
| 2 | सुरेन्द्र सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 18,36117.8% |
| 3 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 16,16115.7% |
| 4 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 15,67515.2% |
| 5 | चेत नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 9,0578.8% |
| 6 | शिवपुजन सिंह चौहान | 5,8385.7% | |
| 7 | भानु प्रकाश पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4503.4% |
| 8 | रामशीष निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2942.2% |
| 9 | नर्वदेश्वर तिवारी JNP(JP) | JNP(JP) | 1,8791.8% |
| 10 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1041.1% |
| 11 | अख्तर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 7280.7% |
| 12 | कमल निर्दलीय | निर्दलीय | 6690.7% |
| 13 | परसिद्धन | 6210.6% | |
| 14 | अब्दुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.6% |
| 15 | कन्हैया निर्दलीय | निर्दलीय | 5770.6% |
| 16 | मन्नु निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.4% |
| 17 | बैजनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.3% |
| 18 | इकबाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.3% |
| 19 | शमीम निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.2% |
| 20 | मुखदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 21 | मकसूद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 22 | दल सिंगार निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जहूराबाद से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.3% से घटकर 23.3% रह गया। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 48.7% से बढ़कर 51.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974रघुबीर (BKD), जीत का अंतर 3.9%
- 1977जयराम (CPI), जीत का अंतर 18.7%
- 1980सुरेन्द्र सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 13.5%
- 1985सुरेन्द्र (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 1989वीरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 5.4%
- 1991सुरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 0.6%
- 1993इस्तेयाक अंसारी (BSP), जीत का अंतर 9.7%
- 1996गणेश (BJP), जीत का अंतर 1.6%