कादीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
जय राज गौतम (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 32.1% वोट पाकर कादीपुर सीट जीती और राम बरन (CPM) को 6,757 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 128 लंभुआ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 128 फतेहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जय राज गौतम | 28,21532.1% | |
| 2 | राम बरन वाम दल | वाम दल | 21,45824.4% |
| 3 | भगेलू राम | 18,47921.0% | |
| 4 | राम चन्द्र | 14,83916.9% | |
| 5 | किशोर उर्फ़ राम किशोर गौतम | 1,7302.0% | |
| 6 | बृज लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3871.6% |
| 7 | राम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0241.2% |
| 8 | संत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.5% |
| 9 | सफी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 10 | सीता राम त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कादीपुर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.2% से घटकर 32.1% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 32.6% से बढ़कर 46.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974जयराज गौतम (INC), जीत का अंतर 12.6%
- 1977बृज लाल (JNP), जीत का अंतर 20.8%
- 1980जयराज गौतम (INC(I)), जीत का अंतर 29.9%
- 1985राम आसरे (INC), जीत का अंतर 7.9%
- 1989जय राज गौतम (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 1991राम चन्द्र (BJP), जीत का अंतर 14.3%
- 1993भगेलू राम (BSP), जीत का अंतर 7.8%
- 1996काशी नाथ (BJP), जीत का अंतर 2.8%