स्वार टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
शिव बहादुर (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 37.6% वोट पाकर स्वार टांडा सीट जीती और अब्दुल गफूर (BSP) को 11,685 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 36 का नाम स्वार था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 36 बरेली शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव बहादुर | 39,73837.6% | |
| 2 | अब्दुल गफूर | 28,05326.5% | |
| 3 | निसार हुसैन | 26,38824.9% | |
| 4 | मुस्तफा अहमद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 5,8695.5% |
| 5 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4531.4% |
| 6 | कौसर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2981.2% |
| 7 | पातीराम | 1,1751.1% | |
| 8 | जमीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.3% |
| 9 | खालिद निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.3% |
| 10 | खालिद हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.3% |
| 11 | मोहम्मद रफीक निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 12 | जाफर निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
| 13 | शमशाद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
स्वार टांडा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 46.9% से बढ़कर 54.4% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974सैयद मुर्तजा अल्ली खान (INC), जीत का अंतर 10.5%
- 1977मकबूल अहमद (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1980बलबीर सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 1985निसार हुसैन (INC), जीत का अंतर 12.7%
- 1989शिव बहादुर (BJP), जीत का अंतर 11.1%
- 1991शिव बहादुर (BJP), जीत का अंतर 10.0%
- 1993शिव बहादुर सक्सेना (BJP), जीत का अंतर 7.9%
- 1996शिव बहादुर सक्सेना (BJP), जीत का अंतर 4.0%