स्वार टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
शिव बहादुर सक्सेना (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर स्वार टांडा सीट जीती और अब्दुल गफूर इंजीनियर (JD) को 12,705 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 36 का नाम स्वार था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 36 बरेली शहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव बहादुर सक्सेना | 50,84531.5% | |
| 2 | अब्दुल गफूर इंजीनियर जनता दल | जनता दल | 38,14023.6% |
| 3 | निसार हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 26,76616.6% |
| 4 | ज़ाहिद अली | 23,59714.6% | |
| 5 | सूरज प्रकाश जोशी | 3,9292.4% | |
| 6 | ज़ाहिद हुसन JP | JP | 3,2952.0% |
| 7 | जानकी प्रसाद BRP | BRP | 3,2082.0% |
| 8 | राम पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7401.1% |
| 9 | सुरेश बाबू सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2230.8% |
| 10 | असग़र अली निर्दलीय | निर्दलीय | 8450.5% |
| 11 | हिफाजत उल्लाह खान | 8220.5% | |
| 12 | रिसालत जान खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8100.5% |
| 13 | मोहम्मद उमर निर्दलीय | निर्दलीय | 6290.4% |
| 14 | जगदीश गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 6250.4% |
| 15 | जमील निर्दलीय | निर्दलीय | 6140.4% |
| 16 | सतवीर सिंह | 5810.4% | |
| 17 | हरप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4730.3% |
| 18 | शौकत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.3% |
| 19 | आसिफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3820.2% |
| 20 | जमील अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3780.2% |
| 21 | मोहम्मद हनीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.2% |
| 22 | जफर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.2% |
| 23 | होरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.2% |
| 24 | बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.2% |
| 25 | मोहम्मद इसहाक निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.1% |
| 26 | राम सुख निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
| 27 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.1% |
| 28 | मोहम्मद अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 29 | यासीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 620.0% |
| 30 | अनिल कुमार भारद्वाज निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
स्वार टांडा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.3% से घटकर 31.5% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 58.6% से बढ़कर 65.9% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974सैयद मुर्तजा अल्ली खान (INC), जीत का अंतर 10.5%
- 1977मकबूल अहमद (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1980बलबीर सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 1985निसार हुसैन (INC), जीत का अंतर 12.7%
- 1989शिव बहादुर (BJP), जीत का अंतर 11.1%
- 1991शिव बहादुर (BJP), जीत का अंतर 10.0%
- 1993शिव बहादुर सक्सेना (BJP), जीत का अंतर 7.9%
- 1996शिव बहादुर सक्सेना (BJP), जीत का अंतर 4.0%