गैंसड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
अकबाल हसन उर्फ़ अकबाल हुसैन (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर गैंसड़ी सीट जीती और विजय पाल सिंह (BJP) को 3,528 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 154 भिनगा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 154 डुमरियागंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अकबाल हसन उर्फ़ अकबाल हुसैन 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अकबाल हसन उर्फ़ अकबाल हुसैन | 37,96936.1% | |
| 2 | विजय पाल सिंह | 34,44132.7% | |
| 3 | शिव प्रताप यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 12,53911.9% |
| 4 | फिदा मोहम्मद MUM | MUM | 11,55211.0% |
| 5 | कन्हैया लाल गुप्ता | 4,5334.3% | |
| 6 | रोहिरी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8051.7% |
| 7 | मोहम्मद खलील खान | 1,1211.1% | |
| 8 | प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7580.7% |
| 9 | अब्दुल तवाब शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.3% |
| 10 | प्रहलाद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गैंसड़ी से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.6% से बढ़कर 36.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 56.5% से घटकर 55.5% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974विजय पाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 1.9%
- 1977विंदू लाल (JNP), जीत का अंतर 17.7%
- 1980अकबाल हुसैन (INC(U)), जीत का अंतर 10.6%
- 1985अरुण प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 2.2%
- 1989अकबाल हसन उर्फ़ अकबाल हुसैन (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 1991विंदू लाल (BJP), जीत का अंतर 21.1%
- 1993शिव प्रताप यादव (SP), जीत का अंतर 16.7%
- 1996बिन्दु लाल (BJP), जीत का अंतर 0.6%