मोरनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
अनीर आलम खान (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर मोरना सीट जीती और साय दुज्जमा (INC) को 15,477 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 407 खतौली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 407 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अनीर आलम खान 15.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनीर आलम खान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 50,30450.6% |
| 2 | साय दुज्जमा | 34,82735.1% | |
| 3 | मान सिंह | 7,8627.9% | |
| 4 | सतपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7011.7% |
| 5 | चमन लाल सागर JNP(JP) | JNP(JP) | 1,2411.3% |
| 6 | धर्मवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 8530.9% |
| 7 | जयपाल उर्फ़ जयपाल सिंह मिठारिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5400.5% |
| 8 | छज्जू निर्दलीय | निर्दलीय | 5390.5% |
| 9 | शैदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.4% |
| 10 | शोभा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.3% |
| 11 | बिजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 12 | जयेंदर कुमार | 2210.2% | |
| 13 | इल्मा उर्फ़ इलमचंदर पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
| 14 | एवज अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरना से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.8% से बढ़कर 59.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974नारायण सिंह (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1977नारायण सिंह (JNP), जीत का अंतर 5.3%
- 1980महेंदी असगर (JNP(SC)), जीत का अंतर 1.4%
- 1985सईदुज़्ज़मा (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1989अनीर आलम खान (JD), जीत का अंतर 15.6%
- 1991राम पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 1993राम पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.6%
- 1996संजय सिंह (SP), जीत का अंतर 6.3%