मोरनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राम पाल सिंह (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर मोरना सीट जीती और मेहंदी असगर (JD) को 11,085 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 407 खतौली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 407 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम पाल सिंह | 36,20738.6% | |
| 2 | मेहंदी असगर जनता दल | जनता दल | 25,12226.8% |
| 3 | सईदुज्जमा | 19,22820.5% | |
| 4 | रामबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5474.8% |
| 5 | शव्युल उर्फ़ चन्द मियां | 2,2272.4% | |
| 6 | धर्म पाल सिंह JP | JP | 2,0272.2% |
| 7 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.8% |
| 8 | राज पाल आर्य | 5850.6% | |
| 9 | आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4520.5% |
| 10 | अजमेर निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.4% |
| 11 | ओमकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3820.4% |
| 12 | शादा निर्दलीय | निर्दलीय | 2470.3% |
| 13 | बिरहमा निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 14 | धर्मबीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.2% |
| 15 | जगपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 16 | भंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.2% |
| 17 | सत्य प्रकाश त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 18 | दरियाव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 19 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 20 | शोभा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 21 | पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 22 | सुरेश पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 23 | कमरुज्जमा निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 24 | सतपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 25 | हनुमान ब्रहमचारी निर्दलीय | निर्दलीय | 550.1% |
| 26 | गुलजारी | 520.1% | |
| 27 | बाबू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 28 | सरदार हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरना से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 59.5% से घटकर 56.2% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974नारायण सिंह (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1977नारायण सिंह (JNP), जीत का अंतर 5.3%
- 1980महेंदी असगर (JNP(SC)), जीत का अंतर 1.4%
- 1985सईदुज़्ज़मा (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1989अनीर आलम खान (JD), जीत का अंतर 15.6%
- 1991राम पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 1993राम पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.6%
- 1996संजय सिंह (SP), जीत का अंतर 6.3%