बागपतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
साहब सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 55.4% वोट पाकर बागपत सीट जीती और कोकब हमीद (INC) को 17,689 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 401 मेरठ कैन्टोनमेंट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 401 हरोरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साहब सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 66,78055.4% |
| 2 | कोकब हमीद | 49,09140.7% | |
| 3 | बिराज गोपाल | 1,2831.1% | |
| 4 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0950.9% |
| 5 | तिलक राम | 9920.8% | |
| 6 | राजेन्द्र वाम दल | वाम दल | 3640.3% |
| 7 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 8 | राकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 9 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 10 | बिरहम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 11 | नरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 12 | सुनील कुमार | 810.1% | |
| 13 | अजीत प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 14 | कृष्ण पाले निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 15 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बागपत से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.7% से बढ़कर 63.3% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974सत्यपाल मलिक (BKD), जीत का अंतर 10.8%
- 1977इस्माईल (JNP), जीत का अंतर 16.3%
- 1980महेश चन्द (INC(I)), जीत का अंतर 18.2%
- 1985कोकब हमीद (INC), जीत का अंतर 51.5%
- 1989साहब सिंह (JD), जीत का अंतर 14.7%
- 1991महेन्द्र जान (JD), जीत का अंतर 19.2%
- 1993कौकब हमीद खान (INC), जीत का अंतर 7.4%
- 1996कौकब हमीद (BKKGP), जीत का अंतर 9.5%