बागपतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कोकब हमीद (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 70.2% वोट पाकर बागपत सीट जीती और साहब सिंह (LKD) को 50,919 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 401 मेरठ कैन्टोनमेंट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 401 हरोरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कोकब हमीद 51.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कोकब हमीद | 69,38470.2% | |
| 2 | साहब सिंह Lok Dal | Lok Dal | 18,46518.7% |
| 3 | महेन्द्र सिंह वाम दल | वाम दल | 8,8308.9% |
| 4 | कृष्ण पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4880.5% |
| 5 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.5% |
| 6 | किमिती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.4% |
| 7 | सुरेन्द्र जनता | जनता | 2460.3% |
| 8 | वीर सिंह | 2460.3% | |
| 9 | जय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.1% |
| 10 | बृज भूषण ICJ | ICJ | 1280.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और LKD को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बागपत से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 43.5% से बढ़कर 61.7% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974सत्यपाल मलिक (BKD), जीत का अंतर 10.8%
- 1977इस्माईल (JNP), जीत का अंतर 16.3%
- 1980महेश चन्द (INC(I)), जीत का अंतर 18.2%
- 1985कोकब हमीद (INC), जीत का अंतर 51.5%
- 1989साहब सिंह (JD), जीत का अंतर 14.7%
- 1991महेन्द्र जान (JD), जीत का अंतर 19.2%
- 1993कौकब हमीद खान (INC), जीत का अंतर 7.4%
- 1996कौकब हमीद (BKKGP), जीत का अंतर 9.5%