बदायूंविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
कृष्ण स्वरूप (BJP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर बदायूं सीट जीती और खालिद परवेज़ (निर्दलीय) को 7,200 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 44 का नाम बदायूं था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 44 पूरनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण स्वरूप | 31,95029.6% | |
| 2 | खालिद परवेज़ निर्दलीय | निर्दलीय | 24,75023.0% |
| 3 | श्री कृष्ण गोयल राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 22,55320.9% |
| 4 | प्रमला भदवार मेहरा | 18,09516.8% | |
| 5 | अशोक कुमार थरेजा LKD(B) | LKD(B) | 5,2014.8% |
| 6 | कृष्ण गोपाल वाम दल | वाम दल | 1,0861.0% |
| 7 | समीउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0541.0% |
| 8 | फकरे आलम | 6020.6% | |
| 9 | शशि बाला | 5490.5% | |
| 10 | दिलदार अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.3% |
| 11 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.2% |
| 12 | बाबू ठेकेदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.2% |
| 13 | मोहम्मद बिरजीस निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 14 | आवेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
| 15 | जगत सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 16 | सुन्दर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 17 | फखरे आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.1% |
| 18 | नरेश पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 19 | मोहम्मद इदरीस निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 20 | नसीर उद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बदायूं से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 44.1% से बढ़कर 57.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974पुरूषोत्तम लाल उर्फ़ राजा जी (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 1977कृष्ण स्वरूप (JNP), जीत का अंतर 5.0%
- 1980श्रीकृष्ण गोयल (INC(I)), जीत का अंतर 23.2%
- 1985प्रेमिला भदवार मेहरा (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1989कृष्ण स्वरूप (BJP), जीत का अंतर 6.7%
- 1991कृष्ण स्वरूप (BJP), जीत का अंतर 9.0%
- 1993जुगेंदर सिंह (SP), जीत का अंतर 0.6%
- 1996प्रेम स्वरूप पाठक (BJP), जीत का अंतर 10.9%