बदायूंविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जुगेंदर सिंह (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर बदायूं सीट जीती और कृष्ण स्वरूप (BJP) को 728 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 44 का नाम बदायूं था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 44 पूरनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बदायूं का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 728 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जुगेंदर सिंह SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 40,82533.6% |
| 2 | कृष्ण स्वरूप | 40,09733.0% | |
| 3 | परमिला बधवार | 24,90920.5% | |
| 4 | हर प्रसाद सिंह जनता दल | जनता दल | 10,6378.7% |
| 5 | राकेश | 1,6641.4% | |
| 6 | महेन्द्र पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 7040.6% |
| 7 | अनंत चैतन्य निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.3% |
| 8 | ध्रुव राज सिंह | 3590.3% | |
| 9 | युवराज मिशर JP | JP | 2950.2% |
| 10 | कदीर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.2% |
| 11 | ग्रीश निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.2% |
| 12 | काका जुगेंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 13 | नव्वान निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.2% |
| 14 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 15 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
| 16 | मुसीरुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.1% |
| 17 | एच. ए. करीदी निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बदायूं से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 51.8% से बढ़कर 57.0% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974पुरूषोत्तम लाल उर्फ़ राजा जी (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 1977कृष्ण स्वरूप (JNP), जीत का अंतर 5.0%
- 1980श्रीकृष्ण गोयल (INC(I)), जीत का अंतर 23.2%
- 1985प्रेमिला भदवार मेहरा (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1989कृष्ण स्वरूप (BJP), जीत का अंतर 6.7%
- 1991कृष्ण स्वरूप (BJP), जीत का अंतर 9.0%
- 1993जुगेंदर सिंह (SP), जीत का अंतर 0.6%
- 1996प्रेम स्वरूप पाठक (BJP), जीत का अंतर 10.9%