तिलहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सुरेन्द्र विक्रम (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर तिलहर सीट जीती और सत्य पाल सिंह (JD) को 352 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 63 का नाम तिलहर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 63 सीतापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तिलहर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 352 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र विक्रम | 35,56640.2% | |
| 2 | सत्य पाल सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 35,21439.8% |
| 3 | मुईन खान | 7,3818.3% | |
| 4 | बालक राम LKD(B) | LKD(B) | 4,9575.6% |
| 5 | राम कुमार | 3,7164.2% | |
| 6 | महेश पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.5% |
| 7 | सुखपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.4% |
| 8 | बाबू राम | 3330.4% | |
| 9 | राम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 10 | माली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.3% |
| 11 | राम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिलहर से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.7% से घटकर 49.5% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974सत्यपाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 1.4%
- 1977सत्य पाल सिंह (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1980सत्य पाल सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.9%
- 1985सत्य पाल सिंह (LKD), जीत का अंतर 24.1%
- 1989सुरेन्द्र विक्रम (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 1991सत्य पाल सिंह यादव (JD), जीत का अंतर 12.1%
- 1993वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मुन्ना (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1996वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मुन्ना (INC), जीत का अंतर 2.7%