तिलहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सत्य पाल सिंह (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 55.7% वोट पाकर तिलहर सीट जीती और जगदीश सिंह (INC) को 20,666 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 63 का नाम तिलहर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 63 सीतापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्य पाल सिंह 24.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य पाल सिंह Lok Dal | Lok Dal | 47,66155.7% |
| 2 | जगदीश सिंह | 26,99531.5% | |
| 3 | राम भरोसे सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2897.3% |
| 4 | मोईद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1711.4% |
| 5 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8701.0% |
| 6 | रामआसरे | 7730.9% | |
| 7 | संजय पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 7460.9% |
| 8 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.5% |
| 9 | राम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3830.5% |
| 10 | श्याम लाल | 3190.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
LKD, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिलहर से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1980 जितना ही रहा: 54.7%। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974सत्यपाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 1.4%
- 1977सत्य पाल सिंह (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1980सत्य पाल सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.9%
- 1985सत्य पाल सिंह (LKD), जीत का अंतर 24.1%
- 1989सुरेन्द्र विक्रम (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 1991सत्य पाल सिंह यादव (JD), जीत का अंतर 12.1%
- 1993वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मुन्ना (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1996वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मुन्ना (INC), जीत का अंतर 2.7%