उत्तर प्रदेश 1980 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC(I): 309 सीटें (72.7%)JNP(SC): 59 सीटें (13.9%)IND: 17 सीटें (4.0%)INC(U): 13 सीटें (3.1%)BJP: 11 सीटें (2.6%)CPI: 7 सीटें (1.6%)JNP(JP): 4 सीटें (0.9%)JNP(SR): 4 सीटें (0.9%)SSD: 1 सीट (0.2%)बहुमत के लिए 213425सरकार बनाने के लिए 213
  • INC(I)30972.7%
  • JNP(SC)5913.9%
  • निर्दलीय174.0%
  • INC(U)133.1%
  • BJP112.6%
  • CPI71.6%
  • JNP(JP)40.9%
  • JNP(SR)40.9%
  • SSD10.2%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस की वापसी

क्या हुआ

पिछला चुनाव जीतने वाली पार्टी इस बार उतनी ही तेज़ी से ढह गई, और एक दूसरी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार चलाने लौट आई।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) ने 425 में से 309 सीटें जीतीं, यानी विधान सभा में भारी बहुमत।

यह सामान्य बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 96 सीटें ज़्यादा था।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी जनता पार्टी (सेक्युलर) - चौ. चरण सिंह थी, जिसने 59 सीटें जीतीं।

क्या बदला

इस चुनाव में सबसे साफ़ हलचल इस बात में थी कि कौन-सी सीटें निवर्तमान पार्टी से नई पार्टी के पास गईं।

पिछली बार जनता पार्टी के पास गई 254 सीटें — जो पार्टी तब से प्रतिद्वंद्वी धड़ों में बँट चुकी थी — इस बार इंडियन नेशनल कांग्रेस (इंदिरा) के पास चली गईं।

नई विधान सभा में निर्दलीयों ने भी अपनी 17 सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

इस चुनाव का सबसे क़रीबी परिणाम बिहार, उत्तर प्रदेश में आया, जहाँ सिर्फ़ 10 वोट रहा।

दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर मनकापुर, उत्तर प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता 56.9% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा जसवन्तनगर, उत्तर प्रदेश में रहा, 65.4%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जिसकी मतदाता सूची में 1,71,093 मतदाता थे।

पृष्ठभूमि

सबसे आगे की दो पार्टियों के अलावा इस बार कई छोटे और नए बने दल भी विधान सभा में पहुँचे।

जनता पार्टी (सेक्युलर) - चौ. चरण सिंह, इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स), भाजपा, जनता पार्टी (सेक्युलर) राज नारायण और जनता पार्टी (जेपी) ने पहली बार एक-एक सीट जीती।

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RBI 2024-25

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