रसड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
हरदेवा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 32.7% वोट पाकर रसड़ा सीट जीती और रघुनाथ (CPI) को 8,835 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 221 मेहनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 221 धानापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरदेवा 16.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरदेवा | 17,37532.7% | |
| 2 | रघुनाथ वाम दल | वाम दल | 8,54016.1% |
| 3 | मन्नु राम JNP(SC) | JNP(SC) | 8,43615.9% |
| 4 | राम दीन JNP(JP) | JNP(JP) | 8,13915.3% |
| 5 | कवलधारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6838.8% |
| 6 | अक्षय लाल बागी | 1,4482.7% | |
| 7 | राज नाथ | 1,3782.6% | |
| 8 | मोती चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7941.5% |
| 9 | हीरा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 7341.4% |
| 10 | मैनेजर निर्दलीय | निर्दलीय | 5911.1% |
| 11 | गणपति निर्दलीय | निर्दलीय | 5531.0% |
| 12 | सुदामा निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.5% |
| 13 | हनुमान निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रसड़ा से कौन जीता, 1974–1996
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 43.4% से घटकर 38.9% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।