उतरौलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
मसरूर ज़ाफ़री (CPI) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 25.5% वोट पाकर उतरौला सीट जीती और रामछानी शुक्ला (INC(I)) को 1,211 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 157 तुलसीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 157 नौगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मसरूर ज़ाफ़री 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मसरूर ज़ाफ़री वाम दल | वाम दल | 12,78225.5% |
| 2 | रामछानी शुक्ला | 11,57123.1% | |
| 3 | मोहम्मद इद्रीस JNP(SC) | JNP(SC) | 9,10918.2% |
| 4 | चौधरी राजेन्द्र प्रसाद | 6,75713.5% | |
| 5 | गोवर्धन प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5599.1% |
| 6 | राम मनोरथ JNP(SR) | JNP(SR) | 2,2834.5% |
| 7 | मोहम्मद यामीन खान | 1,8303.6% | |
| 8 | दरबारी लाल निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7771.6% |
| 9 | शरफुद्दीन उर्फ़ सफ़्फ़ू निर्दलीय | निर्दलीय | 4851.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उतरौला से कौन जीता, 1974–1996
CPI ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 38.0% से घटकर 35.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974राजेन्द्र प्रसाद (BJS), जीत का अंतर 7.8%
- 1977राजेन्द्र प्रसाद चौधरी (JNP), जीत का अंतर 10.1%
- 1980मसरूर ज़ाफ़री (CPI), जीत का अंतर 2.4%
- 1985फजलुल बारी (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 1989समीउल्ला (IND), जीत का अंतर 13.2%
- 1991समीउल्ला (JD), जीत का अंतर 2.2%
- 1993विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 15.4%
- 1996उबाइदुर रहमान (SP), जीत का अंतर 13.4%