उतरौलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
समीउल्ला (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर उतरौला सीट जीती और विश्वनाथ प्रसाद (BJP) को 14,013 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 157 तुलसीपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 157 नौगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | समीउल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 50,15747.2% |
| 2 | विश्वनाथ प्रसाद | 36,14434.0% | |
| 3 | कुंवर सय्यद इकबाल हैदर | 8,6908.2% | |
| 4 | रक्षा राम वाम दल | वाम दल | 4,6184.3% |
| 5 | तुला राम | 1,7531.6% | |
| 6 | मसरूर जाफरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3311.3% |
| 7 | इब्ने हसन राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 1,2631.2% |
| 8 | रुहुल्लाशाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1181.1% |
| 9 | अमन उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 2720.3% |
| 10 | मान बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 11 | निर्मोही निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 12 | मोहम्मद इबरार अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 13 | संत राम श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
| 14 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BJP और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उतरौला से कौन जीता, 1974–1996
1985 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.1% से बढ़कर 52.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974राजेन्द्र प्रसाद (BJS), जीत का अंतर 7.8%
- 1977राजेन्द्र प्रसाद चौधरी (JNP), जीत का अंतर 10.1%
- 1980मसरूर ज़ाफ़री (CPI), जीत का अंतर 2.4%
- 1985फजलुल बारी (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 1989समीउल्ला (IND), जीत का अंतर 13.2%
- 1991समीउल्ला (JD), जीत का अंतर 2.2%
- 1993विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता (BJP), जीत का अंतर 15.4%
- 1996उबाइदुर रहमान (SP), जीत का अंतर 13.4%