आगरा कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
कृष्ण वीर सिंह कौशल (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 39.9% वोट पाकर आगरा कैंट सीट जीती और रमेश कान्त लवानिया (BJP) को 3,293 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 357 फतेहाबाद थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 357 अलीगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण वीर सिंह कौशल | 24,29439.9% | |
| 2 | रमेश कान्त लवानिया | 21,00134.5% | |
| 3 | भगत सिंह राका RPK | RPK | 7,50412.3% |
| 4 | हाजी इस्लाम कुरैशी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,33110.4% |
| 5 | जगदीश कुमार गुप्ता JNP(SC) | JNP(SC) | 6061.0% |
| 6 | सुरेश चन्द्र तत्रिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5760.9% |
| 7 | राजेन्द्र कुमार उर्फ़ बाबू भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.3% |
| 8 | लीलावती | 1380.2% | |
| 9 | बदरुल इस्लाम | 1230.2% | |
| 10 | गुर बख्श सिंह बख्शी निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.2% |
| 11 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आगरा कैंट से कौन जीता, 1974–1996
INC(I) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 53.0% से घटकर 49.8% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974कृष्ण वीर सिंह कौशल (INC), जीत का अंतर 6.5%
- 1977डॉ. कृष्ण वीर सिंह कौशल (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1980कृष्ण वीर सिंह कौशल (INC(I)), जीत का अंतर 5.4%
- 1985कृष्ण वीर सिंह कौशल (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1989हरद्वार दुबे (BJP), जीत का अंतर 4.6%
- 1991हरद्वार दुबे (BJP), जीत का अंतर 16.2%
- 1993रमेश कान्त लवानिया (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 1996केशो मेहरा (BJP), जीत का अंतर 5.8%