खरखौदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
दामोदर शर्मा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर खरखौदा सीट जीती और त्रिलोक चन्द त्यागी (JNP(SC)) को 1,376 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 398 सरधना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 398 सरसावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दामोदर शर्मा 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामोदर शर्मा | 20,35234.4% | |
| 2 | त्रिलोक चन्द त्यागी JNP(SC) | JNP(SC) | 18,97632.0% |
| 3 | जयपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,28314.0% |
| 4 | काज़ी जहीर अहमा | 4,6957.9% | |
| 5 | सुभाष चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8213.1% |
| 6 | सत्यवीर JNP(SR) | JNP(SR) | 1,1692.0% |
| 7 | धनपाल | 1,1261.9% | |
| 8 | बाल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7061.2% |
| 9 | हरि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.8% |
| 10 | देवराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.7% |
| 11 | अशरफ अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.5% |
| 12 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.3% |
| 13 | शिवराज शास्त्री JNP(JP) | JNP(JP) | 1570.3% |
| 14 | श्याम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1570.3% |
| 15 | अब्दुल हलीम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 16 | फ़ाज़िल अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.2% |
| 17 | शिव कुमार त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 920.2% |
| 18 | महेन्द्र प्रकाश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 19 | धीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरखौदा से कौन जीता, 1974–1996
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.8% से घटकर 38.5% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।