खरखौदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जय पाल सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर खरखौदा सीट जीती और प्रभु दयाल सिंह (JD) को 5,062 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 398 सरधना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 398 सरसावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जय पाल सिंह 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जय पाल सिंह | 38,79134.4% | |
| 2 | प्रभु दयाल सिंह जनता दल | जनता दल | 33,72929.9% |
| 3 | अशोक कुमार त्यागी | 22,62420.1% | |
| 4 | राम मेहर सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 8,9267.9% |
| 5 | दिनेश कुमार JP | JP | 5,3564.8% |
| 6 | हरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7740.7% |
| 7 | सोनी | 7110.6% | |
| 8 | बाबू राम BRP | BRP | 3380.3% |
| 9 | अमीर अहमद BMSM | BMSM | 2120.2% |
| 10 | सुरेश पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 11 | ताहिर अली वाम दल | वाम दल | 2100.2% |
| 12 | रामेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 13 | मांगे निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 14 | सुरेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 15 | रियासत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 16 | काका जोगिंद्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 17 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 18 | थे चन्द | 580.1% | |
| 19 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 20 | बालक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 21 | अमित निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 22 | शैलेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 23 | बिजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 24 | उम्मेद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 25 | अय्युब खान निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 26 | रहमतुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरखौदा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 55.6% से बढ़कर 58.8% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।