खरखौदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
राजेन्द्र शर्मा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर खरखौदा सीट जीती और तिरलोक चन्द (LKD) को 14,058 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 398 सरधना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 398 सरसावा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजेन्द्र शर्मा 18.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र शर्मा | 28,71137.8% | |
| 2 | तिरलोक चन्द Lok Dal | Lok Dal | 14,65319.3% |
| 3 | छोटन निर्दलीय | निर्दलीय | 10,95714.4% |
| 4 | रामवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,98611.8% |
| 5 | मोहम्मद लायक निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7234.9% |
| 6 | दिगंबर | 2,4313.2% | |
| 7 | सरू प्रसाद जनता | जनता | 1,8752.5% |
| 8 | जीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5262.0% |
| 9 | अखलाक अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 7751.0% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.7% |
| 11 | टेक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.5% |
| 12 | सूबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.3% |
| 13 | इन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.2% |
| 14 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.2% |
| 15 | महकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 16 | राजपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 17 | कृष्ण बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.2% |
| 18 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.2% |
| 19 | जगपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 20 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 21 | विजय पाल ICS | ICS | 530.1% |
| 22 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 23 | बिजेन्द्र सिंह क्रांतिकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 24 | अशोक कुमार मित्तल निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 25 | बृजपाल | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरखौदा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 38.5% से बढ़कर 51.6% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।