देवप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
विद्यासागर नौटियाल (CPI) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर देवप्रयाग सीट जीती और दिवाकर (निर्दलीय) को 2,768 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 3 का नाम देवप्रयाग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 3 अफ़ज़लगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्यासागर नौटियाल वाम दल | वाम दल | 9,46931.5% |
| 2 | दिवाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,70122.3% |
| 3 | संत बिक्रम शाह | 6,62222.0% | |
| 4 | शेर सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 4,70415.6% |
| 5 | हुकम चन्द | 1,1753.9% | |
| 6 | बिहारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4471.5% |
| 7 | सूरत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4121.4% |
| 8 | सुन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3361.1% |
| 9 | गोविन्द राम नौटियाल JNP(JP) | JNP(JP) | 2340.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवप्रयाग से कौन जीता, 1974–1996
CPI ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 30.0% से घटकर 25.0% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974गोविन्द प्रसाद गैरोला (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977इंद्रमणि बडोनी (IND), जीत का अंतर 16.4%
- 1980विद्यासागर नौटियाल (CPI), जीत का अंतर 9.2%
- 1985शूरवीर सिंह सजवाया (INC), जीत का अंतर 36.7%
- 1989मंत्री प्रसाद नैथानी (JD), जीत का अंतर 11.4%
- 1991मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 24.8%
- 1993मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 16.2%