देवप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
शूरवीर सिंह सजवाया (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 54.3% वोट पाकर देवप्रयाग सीट जीती और गोविन्द प्रसाद गरोला (LKD) को 17,011 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 3 का नाम देवप्रयाग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 3 अफ़ज़लगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शूरवीर सिंह सजवाया 36.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शूरवीर सिंह सजवाया | 25,18354.3% | |
| 2 | गोविन्द प्रसाद गरोला Lok Dal | Lok Dal | 8,17217.6% |
| 3 | चन्द्र सिंह नेगी वाम दल | वाम दल | 3,0636.6% |
| 4 | भक्ति लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8504.0% |
| 5 | भगवान सिंह पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6933.6% |
| 6 | भागता सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4123.0% |
| 7 | लाखा राम जोशी | 1,0212.2% | |
| 8 | राजेन्द्र पाल जनता | जनता | 8121.8% |
| 9 | कौशल्या रानी निर्दलीय | निर्दलीय | 7971.7% |
| 10 | पी.के. ओहियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6971.5% |
| 11 | पुरूषोत्तम आर्य | 5781.3% | |
| 12 | स्तया प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.8% |
| 13 | सुभद्रा ओनियल निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.8% |
| 14 | कराडे फत्ता बडोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और CPI को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवप्रयाग से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 25.0% से बढ़कर 34.3% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974गोविन्द प्रसाद गैरोला (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977इंद्रमणि बडोनी (IND), जीत का अंतर 16.4%
- 1980विद्यासागर नौटियाल (CPI), जीत का अंतर 9.2%
- 1985शूरवीर सिंह सजवाया (INC), जीत का अंतर 36.7%
- 1989मंत्री प्रसाद नैथानी (JD), जीत का अंतर 11.4%
- 1991मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 24.8%
- 1993मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 16.2%