देवप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
मातबर सिंह कण्डारी (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर देवप्रयाग सीट जीती और मंत्री प्रसाद नैथानी (UKKD) को 13,517 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 3 का नाम देवप्रयाग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 3 अफ़ज़लगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मातबर सिंह कण्डारी 16.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मातबर सिंह कण्डारी | 38,09345.7% | |
| 2 | मंत्री प्रसाद नैथानी UKKD | UKKD | 24,57629.5% |
| 3 | गोविन्द प्रसाद गैरोला | 12,50715.0% | |
| 4 | वीर सिंह कठैत AIIC(T) | AIIC(T) | 2,5333.0% |
| 5 | कमल सिंह कंतुरा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4553.0% |
| 6 | विजय राम गोइयायल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3841.7% |
| 7 | विक्रम सिंह पंवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2021.4% |
| 8 | बृज मोहन भट्ट CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 5950.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवप्रयाग से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.7% से बढ़कर 45.7% हो गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1993 जितना ही रहा: 42.0%।
- 1974गोविन्द प्रसाद गैरोला (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 1977इंद्रमणि बडोनी (IND), जीत का अंतर 16.4%
- 1980विद्यासागर नौटियाल (CPI), जीत का अंतर 9.2%
- 1985शूरवीर सिंह सजवाया (INC), जीत का अंतर 36.7%
- 1989मंत्री प्रसाद नैथानी (JD), जीत का अंतर 11.4%
- 1991मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 24.8%
- 1993मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996मातबर सिंह कण्डारी (BJP), जीत का अंतर 16.2%