टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गोपी नाथ वर्मा (JNP(SC)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 34.8% वोट पाकर टांडा सीट जीती और निसार अहमद अंसारी (INC(I)) को 52 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 133 जहांगीरगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 133 नानपारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
टांडा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 52 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपी नाथ वर्मा JNP(SC) | JNP(SC) | 25,73434.8% |
| 2 | निसार अहमद अंसारी | 25,68234.8% | |
| 3 | इरशाद अहमद अंसारी | 4,8576.6% | |
| 4 | महाबीर प्रसाद | 4,1915.7% | |
| 5 | अब्दुल हफीज JNP(JP) | JNP(JP) | 3,1094.2% |
| 6 | राम भेज वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0494.1% |
| 7 | चिरौंजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9712.7% |
| 8 | कुंवर अरुण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1231.5% |
| 9 | मुख्तार अहमद JNP(SR) | JNP(SR) | 8161.1% |
| 10 | हबीबुर रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 6470.9% |
| 11 | विश्व नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6380.9% |
| 12 | खेसल निर्दलीय | निर्दलीय | 4940.7% |
| 13 | शिव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.5% |
| 14 | ज़की मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.4% |
| 15 | राम वंतराम अम्बेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
| 16 | शियेद अमीरुल हसन जाफरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.3% |
| 17 | संत बख्श निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.3% |
| 18 | दया राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टांडा से कौन जीता, 1974–1996
JNP(SC) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JNP(SC) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 49.8% से बढ़कर 52.0% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974निसार अहमद अंसारी (INC), जीत का अंतर 10.7%
- 1977अब्दुल हफीज (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980गोपी नाथ वर्मा (JNP(SC)), जीत का अंतर 0.1%
- 1985जय राम वर्मा (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 1989गोपी नाथ वर्मा (JD), जीत का अंतर 12.6%
- 1991लाल जी वर्मा (JD), जीत का अंतर 13.7%
- 1993मसूद अहमद (BSP), जीत का अंतर 15.2%
- 1996लालजी वर्मा (BSP), जीत का अंतर 1.0%