टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
लाल जी वर्मा (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर टांडा सीट जीती और शिव पूजन वर्मा (BJP) को 13,631 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 133 जहांगीरगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 133 नानपारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल जी वर्मा जनता दल | जनता दल | 40,61440.8% |
| 2 | शिव पूजन वर्मा | 26,98327.1% | |
| 3 | मोहम्मद युसुफ | 12,76312.8% | |
| 4 | गोपी नाथ वर्मा JP | JP | 8,7948.8% |
| 5 | मोहम्मद हनीफ | 4,6344.7% | |
| 6 | राम आसरे अकेला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0351.0% |
| 7 | भुलेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 7430.8% |
| 8 | माधव निर्दलीय | निर्दलीय | 5900.6% |
| 9 | मंगरू निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.3% |
| 10 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.3% |
| 11 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 12 | राम बिलास | 2930.3% | |
| 13 | बेनी माधव निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 14 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 15 | श्याम किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 16 | जय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.2% |
| 17 | पति राम वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 18 | फकरुल हसन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.2% |
| 19 | श्याम बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 20 | मुन्शी रजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.2% |
| 21 | सभाजीत वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 22 | घनश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 23 | मोबीन निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 24 | सुरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 25 | राम मूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टांडा से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.4% से घटकर 40.8% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 53.9% से घटकर 53.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974निसार अहमद अंसारी (INC), जीत का अंतर 10.7%
- 1977अब्दुल हफीज (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980गोपी नाथ वर्मा (JNP(SC)), जीत का अंतर 0.1%
- 1985जय राम वर्मा (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 1989गोपी नाथ वर्मा (JD), जीत का अंतर 12.6%
- 1991लाल जी वर्मा (JD), जीत का अंतर 13.7%
- 1993मसूद अहमद (BSP), जीत का अंतर 15.2%
- 1996लालजी वर्मा (BSP), जीत का अंतर 1.0%