टांडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मसूद अहमद (BSP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 44.1% वोट पाकर टांडा सीट जीती और केशव राम वर्मा (BJP) को 21,172 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 133 जहांगीरगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 133 नानपारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मसूद अहमद 15.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मसूद अहमद SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 61,37444.1% |
| 2 | केशव राम वर्मा | 40,20228.9% | |
| 3 | लाल जी वर्मा जनता दल | जनता दल | 23,80117.1% |
| 4 | कैलाश पुत्र श्री राम JP | JP | 3,1592.3% |
| 5 | निसार अहमद अंसारी | 2,8882.1% | |
| 6 | कैलाश पुत्र राम चरित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5181.1% |
| 7 | भुलेसर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3891.0% |
| 8 | राम लगन निर्दलीय | निर्दलीय | 7470.5% |
| 9 | राम मूरत वर्मा | 6890.5% | |
| 10 | मुन्शी रजा निर्दलीय | निर्दलीय | 6790.5% |
| 11 | पुद्दन BRP | BRP | 5850.4% |
| 12 | लाल बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.3% |
| 13 | बाबू राम | 3460.3% | |
| 14 | मोहम्मद जुबेर निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.2% |
| 15 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2660.2% |
| 16 | मंगरू निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
| 17 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 18 | सती राम वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 19 | सीता पति निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 20 | शिव पूजन निर्दलीय | निर्दलीय | 600.0% |
| 21 | हिफ़ाज़ुर्रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 22 | शाहिद जमाल अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टांडा से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 53.3% से बढ़कर 61.4% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BSP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974निसार अहमद अंसारी (INC), जीत का अंतर 10.7%
- 1977अब्दुल हफीज (JNP), जीत का अंतर 5.8%
- 1980गोपी नाथ वर्मा (JNP(SC)), जीत का अंतर 0.1%
- 1985जय राम वर्मा (INC), जीत का अंतर 6.0%
- 1989गोपी नाथ वर्मा (JD), जीत का अंतर 12.6%
- 1991लाल जी वर्मा (JD), जीत का अंतर 13.7%
- 1993मसूद अहमद (BSP), जीत का अंतर 15.2%
- 1996लालजी वर्मा (BSP), जीत का अंतर 1.0%