डीडीहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
चारु चन्द्र ओझा (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 55.7% वोट पाकर डीडीहाट सीट जीती और नारायण सिंह भैसोरा (BJP) को 11,495 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 8 बद्री केदार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 8 कांठ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चारु चन्द्र ओझा 36.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चारु चन्द्र ओझा | 17,62255.7% | |
| 2 | नारायण सिंह भैसोरा | 6,12719.4% | |
| 3 | लीला राम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,10413.0% |
| 4 | जगजीवन सिंह कन्याल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8755.9% |
| 5 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7302.3% |
| 6 | काशी सिंह एयर निर्दलीय | निर्दलीय | 6972.2% |
| 7 | रतन सिंह धामी निर्दलीय | निर्दलीय | 4911.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डीडीहाट से कौन जीता, 1974–1996
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 28.9% से घटकर 27.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974गोपाल दत्त ओझा (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 1977नारायण सिंह भैंसोरा (JNP), जीत का अंतर 20.2%
- 1980चारु चन्द्र ओझा (INC(I)), जीत का अंतर 36.3%
- 1985काशी सिंह (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 1989काशी सिंह एरी (IND), जीत का अंतर 0.8%
- 1991लीलाराम शर्मा (INC), जीत का अंतर 11.9%
- 1993काशी सिंह ऐरी (UKD), जीत का अंतर 0.4%
- 1996विशन सिंह (BJP), जीत का अंतर 7.8%