नरैनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
हरबंश प्रसाद पाण्डेय (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर नरैनी सीट जीती और सुरेन्द्र पाल वर्मा (CPI) को 13,498 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 320 मानिकपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 320 भोगॉव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरबंश प्रसाद पाण्डेय 19.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरबंश प्रसाद पाण्डेय | 28,53941.6% | |
| 2 | सुरेन्द्र पाल वर्मा वाम दल | वाम दल | 15,04121.9% |
| 3 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9,74114.2% |
| 4 | खलील खान | 7,62511.1% | |
| 5 | शिव प्रसाद JNP(SC) | JNP(SC) | 2,7704.0% |
| 6 | लाला भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1581.7% |
| 7 | सुभाष चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1331.6% |
| 8 | प्रेम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1091.6% |
| 9 | बजरंग प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8941.3% |
| 10 | राम राज सिंह JNP(SR) | JNP(SR) | 6100.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरैनी से कौन जीता, 1974–1996
INC(I) ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 55.0% से घटकर 50.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1974चन्द्रभान आजाद (CPI), जीत का अंतर 7.1%
- 1977सुरेन्द्र पाल (CPI), जीत का अंतर 3.2%
- 1980हरबंश प्रसाद पाण्डेय (INC(I)), जीत का अंतर 19.7%
- 1985श्रेंदर पाल वर्मा (CPI), जीत का अंतर 1.3%
- 1989सुरेन्द्र पाल वर्मा (CPI), जीत का अंतर 8.1%
- 1991रमेश चन्द्र द्विवेदी पुत्र पुरुषोत्तम (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 1993सुरेन्द्र पाल वर्मा (SP), जीत का अंतर 12.3%
- 1996बाबू लाल कुशवाहा (BSP), जीत का अंतर 7.8%