हसवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
उमा कान्त बाजपेयी (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर हसवा सीट जीती और अमर नाथ सिंह (अनिल) सिंह (INC) को 15,539 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 283 चायल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 283 बिल्हौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उमा कान्त बाजपेयी 18.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उमा कान्त बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 42,50851.0% |
| 2 | अमर नाथ सिंह (अनिल) सिंह | 26,96932.3% | |
| 3 | ओमकार प्रसाद | 8,42710.1% | |
| 4 | बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4211.7% |
| 5 | बड़कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2031.4% |
| 6 | अतर सिंह | 9041.1% | |
| 7 | भूरा निर्दलीय | निर्दलीय | 8051.0% |
| 8 | ब्रशरण निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.6% |
| 9 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.4% |
| 10 | भूपेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.3% |
| 11 | चंद्रधर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हसवा से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1985 के 39.7% से बढ़कर 46.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974जय नारायण सिंह (INC), जीत का अंतर 22.4%
- 1977उमाकांत बाजपेयी उर्फ़ भैया जी (JNP), जीत का अंतर 9.8%
- 1980अमर नाथ सिंह उर्फ़ अनिल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 19.7%
- 1985अमर नाथ सिंह (INC), जीत का अंतर 19.7%
- 1989उमा कान्त बाजपेयी (IND), जीत का अंतर 18.6%
- 1991ओम प्रकाश (JD), जीत का अंतर 47.6%
- 1993महेन्द्र प्रताप नारायण सिंह (BJP), जीत का अंतर 3.3%
- 1996अयोध्या प्रसाद पाल (BSP), जीत का अंतर 5.8%