दयालबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
विजय सिंह राणा (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर दयालबाग सीट जीती और पूरन सिंह (INC) को 12,132 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 356 बाह थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 356 अतरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय सिंह राणा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 43,04250.9% |
| 2 | पूरन सिंह | 30,91036.5% | |
| 3 | सुशील कुमार गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7864.5% |
| 4 | बनवारी लाल बघेल | 3,0263.6% | |
| 5 | उम्मेद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0821.3% |
| 6 | दुर्ग विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8251.0% |
| 7 | कल्याण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6750.8% |
| 8 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.4% |
| 9 | मौजी राम शर्मा | 2990.3% | |
| 10 | राम देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 11 | चोब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 12 | रविन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 13 | महेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 14 | सूरज सिंह उर्फ़ सुगन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दयालबाग से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 40.5% से बढ़कर 47.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974मुल्तान सिंह (BKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1977श्याम दत्त पालीवाल (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980विजय सिंह राणा (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.0%
- 1985विजय सिंह राणा (LKD), जीत का अंतर 6.5%
- 1989विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 14.3%
- 1991विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1993उदयभान सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.3%
- 1996सेठ किशन लाल बघेल (BSP), जीत का अंतर 3.3%