दयालबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
उदयभान सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 44.1% वोट पाकर दयालबाग सीट जीती और विजय सिंह राणा (JD) को 22,511 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 356 बाह थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 356 अतरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उदयभान सिंह 18.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदयभान सिंह | 54,36844.1% | |
| 2 | विजय सिंह राणा जनता दल | जनता दल | 31,85725.9% |
| 3 | कुन्दन सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 19,97616.2% |
| 4 | सुरेन्द्र सिंह | 10,6338.6% | |
| 5 | गंगा प्रसाद | 8520.7% | |
| 6 | शिव नारायण सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7540.6% |
| 7 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 7370.6% |
| 8 | इस्लाम खान निर्दलीय | निर्दलीय | 5440.4% |
| 9 | बच्चन सिंह आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.3% |
| 10 | भूपाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3470.3% |
| 11 | दिनेश चन्द्र अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.3% |
| 12 | सोबरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.2% |
| 13 | तुलसी दास | 2710.2% | |
| 14 | लिलाधर वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 15 | खजान सिंह रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 16 | कमल सिंह | 2130.2% | |
| 17 | भगवान स्वरूप वर्मा JP | JP | 2090.2% |
| 18 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
| 19 | सूरज सिंह | 1460.1% | |
| 20 | अशोक कुमार | 1200.1% | |
| 21 | राम मलिक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 22 | नत्थी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 23 | अर्जुन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 24 | थान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 25 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 26 | हसनू राम अम्बेडकर निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दयालबाग से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 46.6% से बढ़कर 54.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974मुल्तान सिंह (BKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1977श्याम दत्त पालीवाल (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980विजय सिंह राणा (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.0%
- 1985विजय सिंह राणा (LKD), जीत का अंतर 6.5%
- 1989विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 14.3%
- 1991विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1993उदयभान सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.3%
- 1996सेठ किशन लाल बघेल (BSP), जीत का अंतर 3.3%