दयालबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
विजय सिंह राणा (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर दयालबाग सीट जीती और राजेन्द्र कुमारी वर्मा (INC) को 3,786 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 356 बाह थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 356 अतरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय सिंह राणा Lok Dal | Lok Dal | 23,69240.8% |
| 2 | राजेन्द्र कुमारी वर्मा | 19,90634.3% | |
| 3 | राम खिलाड़ी वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6898.1% |
| 4 | जितेन्द्र कुमार जनता | जनता | 2,8244.9% |
| 5 | भारत सिंह वाम दल | वाम दल | 2,2313.8% |
| 6 | छोटे लाल पुत्र रोशन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2902.2% |
| 7 | रसाल सिंह ICJ | ICJ | 6661.1% |
| 8 | तारा चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5791.0% |
| 9 | छोटे लाल पुत्र गोपाली निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.6% |
| 10 | सुन्दर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.4% |
| 11 | लाल सिंह उर्फ़ धुआंधार पुत्र तुलसी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.4% |
| 12 | नेक राम वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.4% |
| 13 | गोपाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.3% |
| 14 | लाल सिंह पुत्र प्रताप | 1840.3% | |
| 15 | सुरेश चन्द कटार निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.3% |
| 16 | सहदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.3% |
| 17 | राम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.3% |
| 18 | अजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
| 19 | बिहारीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.2% |
| 20 | महेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 21 | जगदीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 22 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 300.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दयालबाग से कौन जीता, 1974–1996
LKD ने यह सीट JNP(SC) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 49.3% से घटकर 40.5% रह गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974मुल्तान सिंह (BKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1977श्याम दत्त पालीवाल (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980विजय सिंह राणा (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.0%
- 1985विजय सिंह राणा (LKD), जीत का अंतर 6.5%
- 1989विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 14.3%
- 1991विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1993उदयभान सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.3%
- 1996सेठ किशन लाल बघेल (BSP), जीत का अंतर 3.3%