दयालबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
विजय सिंह राणा (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर दयालबाग सीट जीती और उधाईभान सिंह (BJP) को 5,573 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 356 बाह थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 356 अतरौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय सिंह राणा जनता दल | जनता दल | 26,83431.7% |
| 2 | उधाईभान सिंह | 21,26125.1% | |
| 3 | अतर सिंह पुत्र विशम्भर | 14,94217.7% | |
| 4 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 11,42113.5% |
| 5 | दुर्ग विजय सिंह भैया JP | JP | 3,2423.8% |
| 6 | सूरज सिंह उर्फ़ सुगन सिंह | 2,8663.4% | |
| 7 | बाल किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0931.3% |
| 8 | त्रिलोक सिंह बघेल निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.7% |
| 9 | अमृत लाल कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.6% |
| 10 | आर. के. जैन | 2760.3% | |
| 11 | मनोहर लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.3% |
| 12 | पदम एन. सिंह UPRP | UPRP | 2500.3% |
| 13 | लिलाधर वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.2% |
| 14 | हरि मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 15 | भोज शंकर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 16 | देवेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 17 | प्रेम सिंह पिप्पल निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 18 | पदम सिंह निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 19 | मदन गोपाल उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 20 | राजेन्द्र | 860.1% | |
| 21 | लक्ष्मी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 22 | कायम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.1% |
| 23 | पप्पू उर्फ़ देवेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 24 | नारायण सिंह फ़ौजदार निर्दलीय | निर्दलीय | 260.0% |
| 25 | अतर सिंह पुत्र कमल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दयालबाग से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.9% से घटकर 31.7% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 46.6%। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974मुल्तान सिंह (BKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1977श्याम दत्त पालीवाल (JNP), जीत का अंतर 21.7%
- 1980विजय सिंह राणा (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.0%
- 1985विजय सिंह राणा (LKD), जीत का अंतर 6.5%
- 1989विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 14.3%
- 1991विजय सिंह राणा (JD), जीत का अंतर 6.6%
- 1993उदयभान सिंह (BJP), जीत का अंतर 18.3%
- 1996सेठ किशन लाल बघेल (BSP), जीत का अंतर 3.3%