धौरहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सरस्वती प्रताप सिंह (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 41.8% वोट पाकर धौरहरा सीट जीती और आनन्द मोहन (निर्दलीय) को 6,201 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 73 धौरहरा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 73 शाहाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरस्वती प्रताप सिंह | 36,40741.8% | |
| 2 | आनन्द मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 30,20634.7% |
| 3 | अब्दुल गफूर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1087.0% |
| 4 | रघुनंदन सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 5,9776.9% |
| 5 | कनौजी लाल | 4,1784.8% | |
| 6 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6161.9% |
| 7 | कनीज़ फ़ातमा | 1,1941.4% | |
| 8 | तिर्जुकी निर्दलीय | निर्दलीय | 7780.9% |
| 9 | बिमल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6180.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धौरहरा से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 45.0%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974सरस्वती प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 14.5%
- 1977जगन्नाथ प्रसाद (IND), जीत का अंतर 23.5%
- 1980ताज नारायण त्रिवेदी (IND), जीत का अंतर 7.1%
- 1985स्वरस्वती प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 14.3%
- 1989सरस्वती प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1991बाला प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 4.1%
- 1993यशपाल चौधरी (SP), जीत का अंतर 1.9%
- 1996सरस्वती प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 0.1%