धौरहराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बाला प्रसाद (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर धौरहरा सीट जीती और जगन नाथ प्रसाद (निर्दलीय) को 3,616 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 73 धौरहरा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 73 शाहाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बाला प्रसाद 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाला प्रसाद | 26,47829.8% | |
| 2 | जगन नाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 22,86225.8% |
| 3 | सरस्वती प्रतत सिंह | 18,80321.2% | |
| 4 | अकबाल बहादुर जनता दल | जनता दल | 16,16218.2% |
| 5 | बैज नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4592.8% |
| 6 | कनैजी लाल | 1,0281.2% | |
| 7 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5740.7% |
| 8 | अच्छे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धौरहरा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 45.0% से बढ़कर 45.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974सरस्वती प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 14.5%
- 1977जगन्नाथ प्रसाद (IND), जीत का अंतर 23.5%
- 1980ताज नारायण त्रिवेदी (IND), जीत का अंतर 7.1%
- 1985स्वरस्वती प्रताप सिंह (IND), जीत का अंतर 14.3%
- 1989सरस्वती प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 7.1%
- 1991बाला प्रसाद (BJP), जीत का अंतर 4.1%
- 1993यशपाल चौधरी (SP), जीत का अंतर 1.9%
- 1996सरस्वती प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 0.1%