कैसरगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
राम तेज (LKD(B)) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 23.4% वोट पाकर कैसरगंज सीट जीती और नीलम सिंह (BJP) को 570 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 146 फतेहपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 146 कटरा बाज़ार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कैसरगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 570 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम तेज LKD(B) | LKD(B) | 17,77923.4% |
| 2 | नीलम सिंह | 17,20922.6% | |
| 3 | एहतिशाम वली खान | 15,98321.0% | |
| 4 | सय्यद अहमद खान राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 12,06015.9% |
| 5 | अमीर अहमद | 5,4247.1% | |
| 6 | चन्द्रभान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2184.2% |
| 7 | हनोमान सिंह | 2,2663.0% | |
| 8 | मोहम्मद हनीफ खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0341.4% |
| 9 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6550.9% |
| 10 | नन्हे सिंह ABJS | ABJS | 4110.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कैसरगंज से कौन जीता, 1974–1996
LKD(B) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह LKD(B) की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 43.4%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974बाबू लाल वर्मा (BJS), जीत का अंतर 12.8%
- 1977बाबू लाल वर्मा (JNP), जीत का अंतर 2.8%
- 1980सुन्दर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 5.3%
- 1985एहतेशाम वली खान (INC), जीत का अंतर 25.2%
- 1989राम तेज (LKD(B)), जीत का अंतर 0.8%
- 1991रुदेंदर विक्रम सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.0%
- 1993रामतेज (SP), जीत का अंतर 10.2%
- 1996राम तेज यादव (SP), जीत का अंतर 0.2%