उरईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
अकबर अली (BSP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 26.3% वोट पाकर उरई सीट जीती और बाबू राम (BJP) को 791 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 333 बबीना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 333 निधौली कलां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
उरई का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 791 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अकबर अली | 26,95026.3% | |
| 2 | बाबू राम | 26,15925.5% | |
| 3 | इन्द्रजीत सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 23,79723.2% |
| 4 | अरविन्द तिवारी | 19,69419.2% | |
| 5 | राजेश कुमार JNP(JP) | JNP(JP) | 1,0731.1% |
| 6 | जुगल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 8650.8% |
| 7 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7560.7% |
| 8 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6730.7% |
| 9 | बसोरे | 5410.5% | |
| 10 | भारत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.4% |
| 11 | खुर्शीद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.4% |
| 12 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.4% |
| 13 | घासी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.3% |
| 14 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 15 | लक्ष्मी पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उरई से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 52.6% से घटकर 52.0% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974आनंदस्वरूप (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1977श्याम सुन्दर (JNP), जीत का अंतर 4.9%
- 1980सुरेश दत्त पालीवाल (INC(I)), जीत का अंतर 4.7%
- 1985अरविन्द तिवारी (INC), जीत का अंतर 28.4%
- 1989अकबर अली (BSP), जीत का अंतर 0.8%
- 1991बाबू राम (BJP), जीत का अंतर 16.3%
- 1993अकबर अली (BSP), जीत का अंतर 2.1%
- 1996बाबू राम (BJP), जीत का अंतर 0.7%