देवबंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
महावीर सिंह राणा (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर देवबंद सीट जीती और कमर काज़मी (JD) को 2,237 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 416 नागल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 416 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। महावीर सिंह राणा 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महावीर सिंह राणा | 32,41634.0% | |
| 2 | कमर काज़मी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 30,17931.7% |
| 3 | शशि बाला पुंडीर निर्दलीय | निर्दलीय | 17,16518.0% |
| 4 | शाह जमा | 11,81612.4% | |
| 5 | वीरेन्द्र सिंह चौहान JNP(JP) | JNP(JP) | 9151.0% |
| 6 | रूप चंद निर्दलीय | निर्दलीय | 5370.6% |
| 7 | हाजी बुंडू निर्दलीय | निर्दलीय | 4530.5% |
| 8 | नगीना निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.5% |
| 9 | धर्म सिंह | 3610.4% | |
| 10 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.3% |
| 11 | करेशन निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
| 12 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 13 | मजहर जब्बार निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 14 | अतहर उस्मानी निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 15 | रामपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवबंद से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.7% से घटकर 34.0% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 50.9% से बढ़कर 52.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974महाबीर सिंह (INC), जीत का अंतर 11.0%
- 1977मोहम्मद उस्मान (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1980महाबीर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 2.5%
- 1985महावीर सिंह (INC), जीत का अंतर 22.5%
- 1989महावीर सिंह राणा (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1991वीरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 4.9%
- 1993शशि बाला पुंडीर (BJP), जीत का अंतर 23.2%
- 1996सुखबीर सिंह पुंडीर (BJP), जीत का अंतर 10.4%