चिल्लूपारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
हरि शंकर तिवारी (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर चिल्लूपार सीट जीती और कल्पनाथ सिंह (JD) को 24,669 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 181 मेंहदावल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 181 पडरौना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरि शंकर तिवारी 23.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि शंकर तिवारी | 52,22949.8% | |
| 2 | कल्पनाथ सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 27,56026.3% |
| 3 | श्यामलाल यादव | 17,52616.7% | |
| 4 | राम निवास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8883.7% |
| 5 | शम्भू नाथ | 1,3011.2% | |
| 6 | राम विलास निर्दलीय | निर्दलीय | 7650.7% |
| 7 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7400.7% |
| 8 | हरिवंश निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.4% |
| 9 | महेन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिल्लूपार से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1974 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.8% से घटकर 53.2% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974भृगु नाथ (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1977कल्प नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.6%
- 1980भृगु नाथ (INC(I)), जीत का अंतर 15.5%
- 1985हरि शंकर तिवारी (IND), जीत का अंतर 24.6%
- 1989हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 23.5%
- 1991हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 15.7%
- 1993हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1996हरि शंकर तिवारी (AIIC(T)), जीत का अंतर 11.9%