चिल्लूपारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
हरि शंकर तिवारी (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 35.8% वोट पाकर चिल्लूपार सीट जीती और श्याम लाल (BSP) को 2,652 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 181 मेंहदावल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 181 पडरौना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हरि शंकर तिवारी 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि शंकर तिवारी | 41,38235.8% | |
| 2 | श्याम लाल | 38,73033.5% | |
| 3 | तिरयुगी | 29,64925.6% | |
| 4 | जय प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9560.8% |
| 5 | जय नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 9470.8% |
| 6 | शम्भू नाथ मद्देशिया | 4960.4% | |
| 7 | प्रहलाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4600.4% |
| 8 | गुलाब निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.4% |
| 9 | गिरजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.3% |
| 10 | त्रिलोकी निर्दलीय | निर्दलीय | 3530.3% |
| 11 | दयानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.3% |
| 12 | लाल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 13 | दिनेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 14 | राघव निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 15 | संगम निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.2% |
| 16 | हृदय नारायण भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 17 | प्रेम निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 18 | अच्छे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 19 | बलिराज निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 20 | अरुण कुमार शाही निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिल्लूपार से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से घटकर 35.8% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1991 जितना ही रहा: 49.6%। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट AIIC(T) ने जीती।
- 1974भृगु नाथ (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1977कल्प नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.6%
- 1980भृगु नाथ (INC(I)), जीत का अंतर 15.5%
- 1985हरि शंकर तिवारी (IND), जीत का अंतर 24.6%
- 1989हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 23.5%
- 1991हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 15.7%
- 1993हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1996हरि शंकर तिवारी (AIIC(T)), जीत का अंतर 11.9%