चिल्लूपारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
हरि शंकर तिवारी (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 56.7% वोट पाकर चिल्लूपार सीट जीती और मार्केंण्डे चन्द (INC) को 21,728 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 181 मेंहदावल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 181 पडरौना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरि शंकर तिवारी 24.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि शंकर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 50,13356.7% |
| 2 | मार्केंण्डे चन्द | 28,40532.1% | |
| 3 | अनिरुध्द शाही जनता | जनता | 3,9514.5% |
| 4 | भृगुनाथ चतुर्वेदी Lok Dal | Lok Dal | 1,6151.8% |
| 5 | श्रीपत यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1931.4% |
| 6 | सीता राम उर्फ़ सीता राम यादव | 1,1071.3% | |
| 7 | राम चन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7840.9% |
| 8 | श्री कृष्ण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7680.9% |
| 9 | वीरेन्द्र कुमार मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और JNP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिल्लूपार से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 40.2% से बढ़कर 54.8% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974भृगु नाथ (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1977कल्प नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 20.6%
- 1980भृगु नाथ (INC(I)), जीत का अंतर 15.5%
- 1985हरि शंकर तिवारी (IND), जीत का अंतर 24.6%
- 1989हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 23.5%
- 1991हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 15.7%
- 1993हरि शंकर तिवारी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1996हरि शंकर तिवारी (AIIC(T)), जीत का अंतर 11.9%