खेसरहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
दिवाकर विक्रम सिंह (JD) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर खेसरहा सीट जीती और राज बहादुर चन्द्र (INC) को 13,439 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 175 भनवापुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 175 सिसवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिवाकर विक्रम सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 40,76538.3% |
| 2 | राज बहादुर चन्द्र | 27,32625.6% | |
| 3 | जमील अहमद | 26,11424.5% | |
| 4 | महातम | 6,4876.1% | |
| 5 | चन्द्र केशव पाण्डेय | 1,9821.9% | |
| 6 | कैलाश चन्द्र मिश्रा LKD(B) | LKD(B) | 7320.7% |
| 7 | राम देव निर्दलीय | निर्दलीय | 7080.7% |
| 8 | राम केवल निर्दलीय | निर्दलीय | 5210.5% |
| 9 | राम सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 4450.4% |
| 10 | गौरी शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.4% |
| 11 | राम दयाल UPRP | UPRP | 4110.4% |
| 12 | संत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.3% |
| 13 | नागेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खेसरहा से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1985 जितना ही रहा: 54.5%। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974राज बहादुर चन्द (INC), जीत का अंतर 8.3%
- 1977दिवाकर विक्रम सिंह (JNP), जीत का अंतर 26.1%
- 1980दिवाकर विक्रम सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 14.7%
- 1985दिवाकर विक्रम सिंह (LKD), जीत का अंतर 11.1%
- 1989दिवाकर विक्रम सिंह (JD), जीत का अंतर 12.6%
- 1991दिवाकर विक्रम सिंह (JD), जीत का अंतर 4.8%
- 1993अमर सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1996दिवाकर विक्रम सिंह (INC), जीत का अंतर 6.6%